इजरायली मीडिया के मुताबिक यह ऑपरेशन पिछले दिनों उत्तरी गाजा पट्टी में चलाया गया। यह शनिवार और रविवार के बीच रात भर में पूरा हुआ।
इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि यह अभियान पिछले दशक के खुफिया प्रयासों पर आधारित था, जिसे चल रहे संघर्ष के दौरान बढ़ाया गया था।
शॉल के शव को वापस इजराल लाया गया और अबू कबीर फोरेंसिक इंस्टीट्यूट ले जाया गया, जहां उसकी पहचान की गई। उसके बाद उसके परिवार को सूचित किया गया।
20 जुलाई, 2014 को, गाजा युद्ध के दौरान [जिसे इजरायल में ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज के नाम से जाना जाता है] गोलानी ब्रिगेड की 13वीं बटालियन के सैनिकों ने एम-113 बख्तरबंद वाहन में गाजा शहर के शेजाइया इलाके में प्रवेश किया। वाहन एक संकरी गली में फंस गया और इसे निकालने के प्रयासों के दौरान, हमास के गुर्गों ने एंटी-टैंक मिसाइलों से हमला किया।
इस घटना में सात सैनिक मारे गए, जिनमें शॉल भी शामिल था, उसका शव हमास के सदस्य घटनास्थल से खींचकर ले गए।
शॉल की मां का कहना है कि उन्हें नहीं लगता था कि ऐसा कभी हो पाएगा। जेहावा शॉल ने कहा, "मुझे लगा कि ऐसा नहीं होगा लेकिन अब ऐसा हो गया है। मैं बहुत भावुक हूं और मेरे लिए बोलना भी मुश्किल है।"
जेहावा ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जो इस प्रयास का हिस्सा बने और ओरोन को उनके पास वापस लाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य सभी बंधकों की भी वापसी होगी जो अभी भी गाजा में हैं।"
इजरायल का मानना है कि गाजा में 98 बंधक हैं। माना जाता है कि उनमें से लगभग आधे जीवित हैं। इनमें इजराइली और गैर-इजरायली दोनों शामिल हैं। कुल बंधकों में से 94 को 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के नेतृत्व वाले हमले में पकड़ा गया था।
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले से पहले शॉल समेत चार इजरायलियों को भी हिरासत में रखा है। इनमें से एक लेफ्टिनेंट हैदर गोल्डिन है। वह भी 2014 के युद्ध में मारे गए थे, उनका शव भी हमास ने अपने कब्जे में रखा हुआ है। वहीं अन्य दो के बारे में माना जाता है कि वे अभी भी जीवित हैं।
आईडीएफ ने रविवार को कहा कि वह गोल्डिन के शव को भी बरामद करने का हर संभव प्रयास कर रहा है।
शॉल के शव की बरामदगी की घोषणा इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम के प्रभावी होने से कुछ समय पहले हुई। इससे इजरायल और हमास के बीच 15 महीने से चल रहा संघर्ष रुक गया।
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर वापस गाजा ले जाया गया। इसके बाद यहूदी राष्ट्र ने हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी पर हमले शुरू कर दिए।
इजरायल की सैन्य अभियान ने गाजा को बर्बाद करके रख दिया।
गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शनिवार तक लगभग 46,899 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, तथा कम से कम 110,725 घायल हुए हैं।
गाजा सीजफायर समझौते के पहले चरण के तहत फिलिस्तीनी ग्रुप 33 बंधकों को रिहा करेगा जिसके बदले में इजरायल सैंकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त करेगा।